Monday, 2 November 2026

पुरानी पेंशन बहाली सहित शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर पी.जी. कॉलेज गाजीपुर में शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन

पुरानी पेंशन बहाली हेतु शिक्षक संघ पी जी कॉलेज गाजीपुर ने किया प्रदर्शन

पुरानी पेंशन बहाली सहित शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर पी.जी. कॉलेज गाजीपुर में शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन

काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया, प्रशासनिक भवन के सामने एकजुट होकर बुलंद की आवाज

गाजीपुर, 2 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUPUCTA) के प्रदेशव्यापी आंदोलन के आह्वान पर आज पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, गाजीपुर में शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफे.(डॉ.) राम दुलारे एवं प्रभारी महामंत्री डॉ. धर्मेंद्र के नेतृत्व में महाविद्यालय के शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रोफे.(डॉ.) जी. सिंह, प्रोफे.(डॉ.) एस. डी. सिंह, प्रोफे.(डॉ.) एस. एन. सिंह, प्रोफे.(डॉ.) सुनील कुमार, प्रोफे. (डॉ.) वी. के. सिंह, प्रोफे.(डॉ.) रवि शंकर सिंह, प्रोफे.(डॉ.) आबिद अंसारी, प्रोफे.(डॉ.) संजय कुमार सुमन डॉ. सुधीर सिंह, डॉ .मयंक श्रीवास्तव डॉ. सोहराब अंसारी डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. त्रिनाथ मिश्र, डॉ. जे. के. राव, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप रंजन, डॉ. सुशील कुमार सिंह, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. अंजनी कुमार गौतम, डॉ. संजय कुमार, डॉ. उत्कर्ष सिंह, डॉ. गोपाल सिंह यादव, डॉ. स्मृति, डॉ. समरेन्द्र मिश्रा, डॉ. अनुज मिश्रा इत्यादि शिक्षकों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण एवं अन्य शैक्षणिक कार्य संपादित किए तथा महाविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने एकत्रित होकर शासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन प्रत्येक शिक्षक का अधिकार है। पुरानी पेंशन केवल आर्थिक सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसलिए सरकार को पुरानी पेंशन योजना तत्काल बहाल करनी चाहिए।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष  प्रोफे.(डॉ.)राम दुलारे ने कहा कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों एवं समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अनेक महत्वपूर्ण प्रकरण शासन एवं उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर पर लंबित हैं। शिक्षकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। अब शिक्षक अपनी मांगों के समाधान के लिए संगठित एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य हैं।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें
1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) तत्काल बहाल की जाए।
2. यूजीसी की संस्तुतियों के अनुरूप महाविद्यालय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
3. राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश की सुविधा प्रदान की जाए।
4. शिक्षकों को आवश्यक वर्षों की सेवा का लाभ (Benefit of Number of Years) पुनः प्रदान किया जाए।
5. स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं ऑनलाइन बनाया जाए तथा अनावश्यक बाध्यताएं समाप्त की जाएं।
6. शिक्षकों को ग्रेड इंक्रीमेंट एवं प्रोफेसर तथा वरिष्ठ प्रोफेसर पदनाम का लाभ दिया जाए।
7. स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेकर उनमें कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान प्रदान किया जाए।
8. जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक एनपीएस का राज्यांश नियमित रूप से शिक्षकों के खातों में जमा किया जाए।
9. सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन एवं जीपीएफ भुगतान की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
10. शिक्षकों की पदोन्नति एवं वेतन निर्धारण की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी बनाई जाए।
11. शोध परियोजनाओं एवं संगोष्ठियों के लिए स्वीकृत धनराशि समय से उपलब्ध कराई जाए।
12. विश्वविद्यालयों की विभिन्न समितियों एवं प्राधिकारी परिषदों में महाविद्यालय शिक्षकों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
13. परीक्षा पारिश्रमिक एवं अन्य शैक्षणिक कार्यों के मानदेय में उचित वृद्धि की जाए।
14. शिक्षकों के सभी लंबित सेवा संबंधी प्रकरणों का निश्चित समयसीमा में निस्तारण किया जाए।
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि शिक्षकों के संवैधानिक, सेवा संबंधी एवं न्यायोचित अधिकारों की प्राप्ति के लिए है। शिक्षकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और सेवा शर्तों में समानता सुनिश्चित करना उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।
महासंघ द्वारा घोषित आंदोलन के प्रथम चरण के अंतर्गत 2, 3 एवं 4 नवंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अगले चरण में 5 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके पश्चात नवंबर माह में लखनऊ में क्रमिक धरना आयोजित किया जाएगा।
पी.जी. कॉलेज गाजीपुर के  शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफे.(डॉ.)राम दुलारे  ने सभी शिक्षक साथियों की एकजुटता एवं सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
शिक्षक एकता जिंदाबाद! पुरानी पेंशन बहाल करो!
शिक्षक सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करे
प्रोफे.(डॉ.) राम दुलारे, अध्यक्ष
शिक्षक संघ
पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश)