Friday, 16 January 2015
देश में पहला स्कूल खोलनेवाले राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीआई के कार्य अतुलनीय हैं । जहां पूरे sc,st,obc,and converted minorities को एज्युकेशन लेने का अधिकार नहीं था वहां उसकी शुरुआत कर सभी बंधनो को तोडनेवाले महात्मा फुले और सावित्रीआई विश्वरत्न हैं. सावित्रीआई के योगदान की जितनी बातें करें उतनी कम हैं. ब्राम्हणो की गालियां, उन्होनें फेके हूए पत्थर झेलकर उन्होंने अपना कार्य किया। इस कार्य की वजह से राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीआई को घर से निकाल दिया गया लेकिन फिर भी उन्होंने इसे अंजाम तक पहूँचाया. सावित्रीआई देश की पहली शिक्षिका हैं।
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