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Sunday, 31 August 2025

संविधान की शपथ लेकर मनाया गया लहरीपुर गाँव बसाने वाले संत लहरी सिंह कश्यप जी का नौंवा स्मृति दिवस


शिक्षा ! संगठन !!संघर्ष !! के वाहक लहरीपुर गाँव बसाने वाले संत लहरी सिंह कश्यप जी के नौवें स्मृति दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सामाजिक न्याय चेतना ट्रस्ट एवं अल्टीमेट ट्रुथ यूनिवर्स ट्रस्ट के तत्वाधान में दिनांक 12 अक्टूबर 2022 को प्रातः 10.00 बजे गांव-लहरीपुर, पोस्ट टोड्डा, जनपद-शामली (उ० प्र०) में "समाजोत्थान के सभी मुद्दों पर बटे हुए वंचित वर्गों के समस्त नेतृत्व में समपूर्ण समन्वय कैसे सुनिश्चित किया जाए" नामक विषय पर एक राष्ट्रीय वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें  संयोजकगण के रूप में योगदान देने वाले श्रीमती सविता देवी, ग्राम प्रधान लहरीपुर,विपिन कुमार कश्यप (प्रधानपति), लहरीपुर, एडवोकेट अमित कुमार कश्यप, लहरीपुर,राकेश कश्यप पूर्व बी.डी.सी., लहरीपुर,लोकेश कश्यप, पूर्व प्रत्याशी ग्राम प्रधान, लहरीपुर,ईश्वर सिंह कश्यप, लहरीपुर, सतीश कश्यप, लहरीपुर,मा. राजवीर कश्यप, लहरीपुर,त्रिलोक चंद कश्यप, लहरीपुर,नीरज कश्यप, लहरीपुर,सर्वेश कश्यप, लहरीपुर,अशोक कुमार कश्यप, लहरीपुर, डॉ० कदम सिंह कश्यप, लहरीपुर, मा० जयप्रकाश, लहरीपुर,अंकित कश्यप, लहरीपुर, किरणपाल कश्यप, लहरीपुर,सत्यपाल सिंह कश्यप, दिल्ली,डॉ० अनुज कुमार, लहरीपुर, डॉ० सोनू कुमार सिंह, खानपुर,चौ० भोपाल सिंह कश्यप, भैंसवाल, पूरण सिंह कश्यप, लक्सर हरिद्वार,शीश पाल कश्यप, लहरीपुर, गोविन्द कश्यप, लहरीपुर,विक्रम सिंह सैनी, हरसाना,श्रीमती रेखा कश्यप, टोड्डा, शामली,मा० ब्रहमसिंह कश्यप, लहरीपुर, ऊन,शौकिन्द्र कश्यप, पुरमाफी, शामली,जयवीर सिंह टोड्डा, शामली,महेन्द्र कश्यप, जसाला, शामली,चौ० पवन कश्यप, फुगाना,डा० सुनील कश्यप, खरड़, मोनू कश्यप, गोगवान, पावटी,अंकुर कश्यप, गोगवान, पावटी,हंस काश्वरा कश्यप, बनत,प्रो० सन्दीप कुमार कश्यप,अमित कुमार, कण्डेला,डा० रामनिवास कश्यप, झिंझाना,विजेन्द्र कश्यप, झिंझाना,सन्दीप कश्यप, लहरीपुर,सलेक चंद कश्यप, लहरीपुर,जादोराम कश्यप, ममेडी,हरपाल कश्यप, ममेडी,मानसिंह कश्यप, ममेडी,दिनेश कश्यप, गागोर, शामली,रतन सिंह कश्यप, चौसाना,धर्मवीर सिंह कश्यप पूर्व चैयरमेन प्रत्याशी, ऊन,ललित कुमार कश्यप, लहरीपुर,तिलक राम कश्यप, लहरीपुर आदि रहे हैं इस कार्यक्रम को शोशल मीडिया के निम्न माध्यमो से प्रचारित किया गया www.aibca.in,AIBCA TV-Youtube Channel, SATYA SHODHAK TV-Youtube Channel, AIBCA NEWS-Youtube Channel, BC Time-Youtube Channel, AIBCASHAMLI, सत्य शोध परिषद, Mob. 9415973984, 9792021860, 9759733814, 8979676300.

    गांव लहरीपुर, जनपद-शामली के कस्वा ऊन से, ऊन चौसाना मार्ग पर, ऊन से दो किमी० दूर चौराहे से बाँयी ओर स्थित है।इस गांव को स्व० लहरी सिंह कश्यप ने लगभग सन् 1968 में बसाया था। श्री लहरी सिंह कश्यप का जन्म सन् 1938 में ऊन में हुआ था। इनके पिताजी का नाम श्री छित्तर सिंह कश्यप, माता का नाम श्रीमती बकतावरी देवी एवं पत्नी का नाम स्व० श्रीमती रामप्यारी देवी था। ये सात भाई-बहन थे। इनके बडे भाई का नाम श्री कलीराम कश्यप एवं ब्रहम सिंह कश्यप था, जिनका देहांत हो चुका है। इनके चचेरे भाई श्री कबूल सिहं कश्यप थे, इनका भी देहांत हो चुका है। छोटे भाई श्री पूरण सिंह जीवित हैं इनके छोटे एक भाई और ओमपाल सिंह कश्यप जी थे जिनका भी देहांत हो गया है । इनकी बहनों का नाम स्व० बुगली देवी एवं श्रीमती लहरो देवी है। श्री लहरी सिंह कश्यप के चार पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं। सबसे बड़े पुत्र डॉ०जी०सिंह कश्यप स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर उत्तर प्रदेश में आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के प्रोफेसर और अध्यक्ष है,दूसरे पुत्र डॉ सतीश कुमार कश्यप नेचर बायो फ़ूड लिमिटेड कंपनी में है,तीसरे पुत्र डॉ सत्यपाल सिंह कश्यप IIMT ग्रेटर नोएडा में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर है और एक पुत्र किरणपाल सिंह कश्यप  गाँव मे कृषि कार्यो में अपने व्यवसाय में लगे हुए है  और अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय प्रचारक है, स्वभाव से मृदु, सन्मार्ग के वाहक, सत्यनिष्ठ, परोपकारी, स्वाभिमानी, ईमानदार एवं परिश्रमी, गरीबों, जरूरतमंदों के मददगार, सामाजिक कान्तिकारी और अन्धविश्वास के घोर विरोधी श्री लहरी सिंह कश्यप का देहांत 12 अक्टूबर 2013 को गांव लहरीपुर में हुआ था संत लहरी सिंह कश्यप ने जगत कल्याण की भावना से समाज में सामाजिक समन्वय स्थापित करने, सामाजिक भेदभाव दूर करने तथा समाज में शिक्षा का प्रचार प्रसार और सामाजिक एकता स्थापित करने एवं वंचित वर्गों के लिए शासन-प्रशासन, न्यायपालिका एवं सम्पूर्ण व्यवस्था में उचित भागीदारी दिलवाने हेतु देश के सभी राज्यों का भ्रमण किया और जनजागरण अभियान चलाया। उन्होंने अनुभव किया कि देश की बहुसंख्यक आबादी लगभग 7000 से भी अधिक जातियों में बांटकर रखी हुई हैं, और यह आबादी अशिक्षा, अज्ञानता, न्याय एवं अभाव की शिकार बनी हुई है, जिसका शासन-प्रशासन न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है।

      संत लहरी सिंह कश्यप ने देश की बहुसंख्यक आबादी को सामाजिक न्याय दिलवाने हेतु जीवन भर संघर्ष किया। उनके अनुसार देश की बहुसंख्यक आबादी शिक्षा के अभाव में तरक्की नहीं कर पायी है। मानवता, राष्ट्र और धर्म के दुश्मनों ने देश की बहुसख्यंक आबादी को शिक्षा से वचिंत रखने का कार्य किया और आज तक भी इसे मुश्किल ही बना कर रखा हुआ है। उनका यह भी कहना था कि एक वक्त का खाना छोड़कर बच्चों को शिक्षित करों, जमीन गिरवी रखकर या बेचकर, घर की महिलाओं के गहनें गिरवी रखकर या बेचकर, बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करो, बुद्धिमान बनो। न्यायशील रहो एवं अच्छी संगति रखो। यह सत्य है कि गरीवी से दुख पैदा होता है लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि गरीबी दूर होने से आदमी सुखी हो जाये। ऊँचा जीवन स्तर नहीं, बल्कि ऊँचा आचरण सुख का मूलमंत्र है।महापुरूषों का कहना है कि जो चुप रहता है उसकी भी निंदा होती है। जो अधिक बोलता है उसकी भी निंदा होती है और जो कम बोलता है उसकी भी निंदा होती है। इस पृथ्वी पर ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जिसकी कोई न कोई निंदा न करता हो, ना कोई ऐसा आदमी हुआ है, ना ही है और ना ही होगा, जिसकी निरंतर निंदा ही निंदा होती हो अथवा निरंतर प्रशंसा होती हो। अपने आप पर विश्वास करो, आत्म नियंत्रण रखो, निंदा से डरो नहीं, सत्कर्म करो, नशे से दूर रहो। "राष्ट्रीय सामाजिक न्याय चेतना ट्रस्ट" एवं "अल्टीमेट टुथ यूनिवर्स ट्रस्ट" ने ऐसे महान व्यक्ति के विचारों को जनता तक पहुंचानें की दृष्टि से उनका स्मृति दिवस 12 अक्टूबर 2022 को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। श्री लहरी सिंह कश्यप का यह 9वां स्मृति दिवस है। इस अवसर पर समाज के  युवाओं, विद्यार्थियों, माताओं, बहनों बुजुर्गों ने कार्यक्रम में पधार कर  सन्मार्ग पर चलने का संकल्प लिया । संपर्क सूत्र 9415973984, 9792021860, 9759733814, 8979676300.।

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जीवन और जागरूकता एक दूसरे के पूरक है।:बी०एल०मेहरा


लहरीपुर गाँव बसाने वाले संत लहरी सिंह कश्यप जी की चौथी पुण्यतिथि 12 अक्टूबर 20217 को गाँव लहरीपुर मे मनाई गई इस अवसर पर बोलते हुए बी०एल० मेहरा  जी ने कहा कि संत लहरी सिंह जी हमेशा कहते थे कि जीवन और जागरूकता एक दूसरे के पूरक है। अनुभव, अवसरों, परिस्थितियों एवं संघर्षों की अनवरत यात्रा ही जीवन है। इस सतत यात्रा में जागरूकता ऐसी शक्ति है, जो हमें बाह्य जगत की वास्तविकता से परिचित कराती है। जागरूकता की शक्ति ही हमें अपने अंतर्मन से भी जोड़ती है। जागरूकता का अर्थ है-किसी भी विषय के प्रति सजगता एवं सतर्कता का परिचय देते हुए हुए अधिकतम ज्ञानार्जन का प्रयास करना। वास्तव में जागरूकता एक विस्तृत एवं गहन अवधारणा है। जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन के प्रत्येक स्तर पर हमें जागरूकत्य की आवश्यकता पड़ती है। ऐसा माना जाता है कि प्रकृति ने केवल मनुष्य को ही सोच, विचार, तर्क-वितर्क एवं आत्ममंथन की शक्ति से संपन्न बनाया है। जागरूकता का संबंध केवल हमारी बाहरी इंद्रियों से ही नहीं है, अपितु हमारी भावनाओं, विचारों एवं कल्पनाशक्ति का भी जागरूकता के साथ एक नितांत गहरा संबंध है। जीवन की सार्थकता तभी सिद्ध हो सकती है जब हम इसे जागरूकता के साथ जीने का प्रयास करें। जागरूकता को अपनी दिनचर्या में समावेशित करके हम जीवन की अनंत गहराइयों में उतरकर इसके वास्तविक मर्म को समझने में सफल हो सकते हैं। मैं भी इस बात की पुष्टि करता हू कि सही अर्थों में जीवन और जागरूकता एक दूसरे के पूरक हैं। किसी भी विषय के प्रति जागरूकता उस विषय में हमारी समझ को विकसित एवं उन्नत बनाने में सहायता करती है। उदाहरण के लिए, यदि हम स्वयं के प्रति जागरूक हों, तो हम निश्चित रूप से आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होंगे। यदि हम समाज एवं राष्ट्र के प्रति जागरूक हैं, तो निश्चित ही हम उसकी प्रगति में अपना अमूल्य योगदान कर सकेंगे। यदि हम अध्यात्म के प्रति जागरूक हैं, तो यह जागरूकता ईश्वर से जुड़ने में हमारी मदद करेगी। जहां एक ओर जागरूकता का अभाव जीवन में अनेक समस्याओं को जन्म देता है नहीं जागरुकतामय जीवन सफलता के सोपान पर अग्रसर करता है 

Thursday, 28 August 2025

लहरीपुर गाँव बसाने वाले स्व. लहरी सिंह कश्यप जी की चौथी पुण्य तिथि- 12 अक्टूबर 2017

लहरीपुर गाँव बसाने वाले स्व. लहरी सिंह कश्यप जी की चौथी पुण्य तिथि- 12 अक्टूबर 2017
       अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में लहरीपुर गाँव बसाने वाले स्व. लहरी सिंह कश्यप जी की चौथी पुण्य तिथि- 12 अक्टूबर 2017 को  प्रातः 11.00 बजे प्रतिज्ञा दिवस दिवस के रूप में  गाँव-लहरीपुर, पोस्ट-टोड्डा, जनपद-शामली (उ.प्र.) में मनाई  गयी।इस अवसर पर  “कश्यप निषाद बिन्द समाज की वर्तमान दशा एवं दिशा” नामक विषय पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया सयोज संयोजक मण्डल के रूप में डॉ. जी. सिंह कश्यप अध्यक्ष, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, पी.जी. कालेज, गाजीपुर राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन, डॉ. कदम सिंह कश्यप मैनेजिंग डायरेक्टर किसान धन एग्रो फूड तीमारपुर, बिजनौर, डा. रामनिवास कश्यप चिकित्सक झिंझाना, शामली, मा. हरपाल सिंह कश्यप समाजसेवी भमेडी शाहपुर शामली, मा. धर्मवीर सिंह कश्यप पूर्व प्रत्याशी नगर पंचायत, ऊन, शामली   रहे है ,निवेदक के रूप में अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, जनपद इकाई  शामली ने अपना योगदान दिया जिनके संपर्क सूत्र निम्न है 9415973984, 8419846411,9719476109, 9818770900, 9555082550 इस कार्यक्रम में अथिति के  रूप में बहुत ही गणमान्य  समाज सेवी उपस्थित रहे श्री रामकुमार कश्यप, राज्यसभा सांसद, नई दिल्ली,श्री करता राम कश्यप, उपाध्यक्ष-रराष्ट्रीय  कश्यप निषाद मेहरा आदिवासी सभा हरियाणा, श्री किरणपाल सिंह कश्यप, पूर्व मंत्री एवं जिला अध्यक्ष सपा. शामली, श्री गुरचरण सिंह कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय  कश्यप निषाद मल्लाह विकास मंच, नई दिल्ली ,श्री जयन्तीभाई केवट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कश्यप निषाद मल्लाह विकास मंच, गुजरात,श्री सुखबीर सिंह कश्यप, रा. महासचिव अ.भा. कश्यप निषाद म.वि.मंच, नई दिल्ली,डॉ. हेमन्त कश्यप, शिक्षक अलीगढ़, उ.प्र.,श्री सन्तोष कुमार साहनी, राष्ट्रीय अध्यक्ष समन्वय मोर्चा, दिल्ली,श्री दीपक कश्यप, अध्यक्ष महर्षि कश्यप युवा सेवा समिति, कैराना उ०प्र०, श्री जगदीश कश्यप, महासचिव, महर्षि कश्यप युवा सेवा समिति, कैराना उ०प्र०,श्री अशोक कुमार कश्यप, प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन, हरियाणा, डॉ. संदीप कुमार, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन, कुमारी पायल कश्यप, समाजसेवी, थानाभवन, शामली श्री मुकेश कश्यप, समाजसेवी, थानाभवन, शामली,श्री देवानन्द निषाद, प्रदेश महामंत्री, अखिल भारतीय कश्यप  निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, उ.प्र. ,श्री  कवर पाल सिंह कश्यप, समाज सेवा गढ़ी पुख्ता, शामली,श्री नीटू कश्यप, शिक्षक, भनेड़ा, मुजफ्फरनगर, श्री चन्द्रपाल कश्यप, शिक्षक कुडाना, मुजफ्फरनगर श्री विरेन्द्र सिंह कश्यप, समाज सेवा, कुडाना, मुजफ्फरनगर आदि उपस्थित रहे । व्यवस्थापक गण के रूप में भूमिका निभाने वाले श्रीमती रामप्यारी देवी, संरक्षक, अखिल भारतीय  कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, श्री जादोराम कश्यप (नगरी), समाज सेवा भमेडी, शामली, श्री अनुज कुमार कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय  कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट,श्री किरण पाल कश्यप, जिलाध्यक्षा,अखिल भारतीय कश्यप निषाद विन्द समाज सेवा ट्रस्ट, शामली, श्री रमेश कश्यप, जिला उपाध्यक्ष, अ.भा. कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, शामली, अंकित कुमार, जिला महामंत्री,अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, शामली, दीपक कुमार कश्यप, कोषाध्यक्ष अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, शामली,मानसिंह कश्यप, समाज सेवी, भमेडी, शामली,मांगेराम कश्यप, समाज सेवी लहरीपुर, शामली,शिव कुमार कश्यप, समाज सेवी, लहरीपुर, शामली,ओमपाल कश्यप, समाज सेवी, लहरीपुर, शामली,श्याम सिंह कश्यप, समाज सेवी, भमेडी, शामली, मास्टर जयप्रकाश, लहरीपुर, शामली, सुरेन्द्र कश्यप, समाज सेवी, लहरीपुर, शामली। मास्टर जीत सिंह कश्यप, भमेडी शामली, सलेक चन्द्र कश्यप, समाज सेवी, लहरीपुर, शामली, विरेन्द्र कश्यप, समाजसेवी, लहरीपुर, शामली,ईश्वर सिंह कश्यप, समाज सेवी, लहरीपुर, शामली,हरपाल सिंह कश्यप, प्रबन्धक, कश्यप सरजीत सिंह जूनियर हाईस्कूल, लहरीपुर,देशपाल कश्यप, समाजसेवी, भमेडी, शामली, मेजपाल कश्यप, समाजसेवी, खानपुर, शामली, चम्पत सिंह कश्यप, समाजसेवी, टोड्डा, शामली,बृजपाल कश्यप, समाजसेवी, रियावली, शामली,श्रीपाल सिंह कश्यप, समाजसेवी, खानपुर, शामली,विक्की कुमार कश्यप, सदस्य, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन,सत्यपाल सिंह कश्यप, सदस्य अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन,डा. सतीश कुमार कश्यप, उपाध्यक्ष, अ.भा. कश्यप, निषाद, बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट, महिपाल सिंह कश्यप, समाजसेवी, गंगारामपुर खेड़की, शामली, राजवीर सिंह गायक, सिन्धु जागरण मंच, लहरीपुर,अशोक कुमार, प्रबन्धक, इलाहाबाद बैंक, जालौन,श्रीमती मांगी देवी, संरक्षक, अ.भा. कश्यप निषांद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट,मांगेराम कश्यप, समाज सेवी, केर्टू शामली,डॉ.रामपाल सिंह कश्यप, समाज सेवी, खेडी खुशनाम, शामली, रतन सिंह कश्यप, समाज सेवी, चौसाना, शामली,पहल सिंह कश्यप, शामली-शामला, शामली।इस कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति  के रूप अपना कीमती समय  देने वाले  बी०एल० मेहरा, राष्ट्रीय  प्रचार मंत्री,अखिल भारतीय  कश्यप, निषाद म.वि.मंच, नई दिल्ली,अरविन्द कश्यप, रा. उपा., अ०भा० कश्यप निषाद म. वि. मंच, नई दिल्ली,गुलाब सिंह कश्यप, संस्थापक अ०भा० कश्यप निषाद म. वि. मंच, नई दिल्ली,चौ० सुरेश सिंह कश्यप, नामित सभासद, नगर पंचायत ऊन शामली, नारायण सिंह कश्यप, नामित सभासद, नगर पंचायत झिझाना, शामली,मौहर सिंह कश्यप, पूर्व प्रत्याशी जिला पंचायत, आमवाली, शामली,डा. राकेश कश्यप, चिकित्सक, झिझाना, शामली,बिट्टू कश्यप, समाजसेवी ढिढाली, शामली,मा. नाहर सिंह कश्यप, हरीपुर, शामली, बिरम सिंह कश्यप, समाजसेवी, पूर्व प्रधानाचार्य, ऊन, शामली, रामसिंह कश्यप, शिक्षक, टोड्डा, शामली,करेशन सिंह कश्यप, शिक्षक, शामली शामला, शामली,चन्द्रभान सिंह कश्यप, समाज सेवी, गागौर, शामली,भोपाल सिंह कश्यप, शिक्षक, ढिढाली, शामली,श्याम सिंह कश्यप, शिक्षक नौनागली, शामली, जयपाल सिंह कश्यप, समाजसेवी, गागौर शामली, करताराम कश्यप, समाज सेवी, गागौर, शामली, दिनेश कश्यप, समाजसेवी, टोड्डा, शामली, जगदीश सिंह कश्यप, समाजसेवी, टोड्डा, शामली, शेर सिंह, समाजसेवी, नौजली, शामली, नैन सिंह कश्यप, समाजसेवी, नौजली, शामली,रमेश सिंह कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली, रणवीर सिंह कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली, राजकुमार कश्यप, समाजसेवी, ढिढाली, शामली, बिरमपाल कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली,डा. विजयपाल कश्यप, चिकित्सक, हरीपुर, शामली, धर्मपाल कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली,महेन्द्र कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली, प्रेमसिंह कश्यप, समाजसेवी, बिडौली, शामली,बहन जसवीरी देवी, बिडौली, शामली, जनेश्वर कश्यप, समाजसेवी, पिंडौरा, शामली,बहन आशु कश्यप, जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा कश्यप निषाद युवा मोर्चा, देवीचन्द्र कश्यप, समाजसेवी, ऊन, शामली, राजसिंह कश्यप, समाजसेवी, भमेडी, शामली, कृष्णपाल सिंह कश्यप, संस्थापक, भा०कश्यप जागृति संगठन, सुभाषचन्द कश्यप, ब्लाक अध्यक्ष ऊन, भा० कश्यप जागृति संगठन,जयपाल सिंह कश्यप, लिसाड, सदस्य भा०कश्यप जगूति संगठन,बिजेन्द्र सिंह कश्यप, झिंझाना, सदस्य, भा० कश्यप जागृति संगठन,सत्यपाल सिंह कश्यप, एडवोकेट, भारतीय कश्यप जागृति संगठन,दीपक कुमार कश्यप, झिझाना, सदस्य भारतीय कश्यप जागृति संगठन, सुरेन्द्र कुमार समाजसेवी, गढ़ी हसनपुर, शामली,सतपाल कश्यप, समाजसेवी, असमानपुर, शामली,अमरसिंह कश्यप, समाजसेवी, चौसाना, शामली,धीर सिंह कश्यप, बुच्चा खेड़ी, सदस्य, भा०के०जा०संगठन, रामदिया कश्यप, बधैव, सदस्य भा०क०जा० संगठन,सोहनवीर सिंह कश्यप, सिम्भालका, सदस्य भा०क०जा०संगठन, अम्बरीश कुमार समाजसेवी, नौजली, शामली,मागेराम कश्यप, समाजसेवी, बझेड़ी, शामली, पूरण सिंह कश्यप, संरक्षक, अ०भा० कश्यप निषाद बिन्द समाजसेवा ट्रस्ट उत्तराखण्ड,प्रीतम सिंह कश्यप, सदस्य, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग एसोसिएशन, उत्तराखण्ड,श्रीपाल सिंह कश्यप, बरसर, राष्ट्रीय किसान महाविद्यालय, शामली,ईशपाल कश्यप, डीलर, मोरमाजरा, शामली, भूरा कश्यप, प्रधान प्रतिनिधि मोरमाजरा, शामली, श्रीपाल कश्यप, समाजसेवी, मोरमाजरा, शामली,इलमचन्द कश्यप नेताजी, ब्राम्हण माजरा, जलालाबाद, पल्टूराम कश्यप, लाइनमैन, थाना भवन, शामली दिनेश कुमार कश्यप, समाज सेवी, गागौर, शामली, धर्मसिंह कश्यप, जंगीरपुर, शामली, अशोक कुमार कश्यप, अध्यक्ष महर्षि कश्यप शिक्षा समिति, लपराना,प्रवीण कश्यप, समाज सेवा, हडौली, शामली,रामशरण कश्यप, समाज सेवा, भैंसवाल, शामली, रामशरण कश्यप, प्रधान बिडौली, शामली,अजय कुमार कश्यप, कैशियर गागौर, शामली,चौधरी भोपाल सिंह कश्यप, भैंसवाल, शामली,डा. रामलाल कश्यप, नेता बसपा, लिलौन, शामली,मुकेश कश्यप, समाज सेवा, लिलौन, शामली
लहरीपुर गाँव और लहरी सिंह कश्यप 
     गाँव लहरीपुर जनपद शामली के कस्बा ऊन से, ऊन चौसाना मार्ग पर, ऊन से दो किमी० दूर चौराहा से बाँयी ओर स्थित है। इस गाँव को स्व. लहरी सिंह कश्यप ने लगभग 1968 में बसाया था। लहरी सिंह कश्यप का जन्म सन् 1938 में ऊन में हुआ था, इनके पिताजी का नाम श्री छित्तर सिंह कश्यप, माता का नाम श्रीमती बकतावरी देवी एवं पत्नी का नाम श्रीमती रामप्यारी देवी है। ये सात भाई बहन थे। इनके बड़े भाई का नाम श्री कलिराम सिंह कश्यप एवं बृहम सिंह कश्यप जिनका देहान्त हो चुका है। छोटे भाई श्री पूरण सिंह कश्यप एवं श्री ओमपाल सिंह कश्यप जीवित हैं। इनकी बहन का नाम स्व. बुगली देवी एवं श्रीमती लहरो देवी है। लहरी सिंह कश्यप के चार पुत्र एवं दो पुत्रियाँ हैं। स्वभाव से मृदु, स्वाभिमानी, ईमानदार एवं परिश्रमी, सामाजिक क्रान्तिकारी, अन्धविश्वास के घोर विरोधी श्री लहरी सिंह कश्यप का देहान्त 12 अक्टूबर 2013 को गाँव लहरीपुर में हुआ था।
     स्व. लहरी सिंह कश्यप ने कश्यप निषाद वंशीय समाज में सामाजिक एकता स्थापित करने के लिये एवं शासन-प्रशासन में उचित भागीदारी दिलवाने हेतु देश के सभी राज्यों का भ्रमण किया और पाया कि कश्यप निषाद वंशीय समाज विभिन्न जातियों एवं उपजातियों में बटा हुआ है जो धींवर, झींवर, झींमर, घींमर, ढींवर, ढींमर, डेवर माँझी, मझवार, केवट, बिन्द, खरबिन्द, बेलदार, बिन्टा, कहार, कश्यप, गोड़िया, बाथम, बथुवा तुरैहा, मल्लाह, भोइ, खरवार, चाई, मुड़ियार, सरैया, तीयर, सोधिया, रैकवार, साहनी, बरमैया, सिंघाडिया, सिगराहा, बहेलिया, बर्मन, धुरिया, कमकर आदि 140 से भी अधिक नामों से सम्पूर्ण भारत में पहचाने जाने वाला एक ही समाज है। इस समाज में महाराजा गुहराज निषादराज, महाराजा हिरण्यकश्यप, महाराजा हिरण्यधनु, धनुर्धर वीर एकलव्य आदि महापुरूषों ने जन्म लिया है जिन पर इस समाज को गर्व करना चाहिए। अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले तिलका माझी एवं सिद्धोमाझी भी इसी समाज के वीर सपूत हैं। परन्तु यह समाज अशिक्षा, अज्ञानता, अन्याय एवं अभाव का शिकार बना हुआ है, जिसका शासन-प्रशासन में प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है।
            लहरी सिंह कश्यप ने इस समाज को सामाजिक न्याय दिलवाने हेतु जीवन भर संघर्ष किया है। उनका कहना था कि शिक्षा के अभाव में यह समाज तरक्की नहीं कर पाया है, धूर्त एवं चालाक लोगों ने इस समाज को शिक्षा से वंचित रखने का कार्य किया है। उनका यह भी कहना था कि एक वक्त का खाना छोड़कर बच्चों को शिक्षित करो, जमीन गिरवी रखकर या वेचकर, घर की महिलाओं के गहने गिरवी रखकर या बेचकर बच्चों की शिक्षा का प्रबन्ध करो, बुद्धिमान बनो, न्यायशील रहों एवं अच्छी संगति  रखो। यह सत्य है कि गरीबी से दुख पैदा होता है, लेकिन यह आवश्यक नहीं कि गरीबी दूर होने से आदमी सुखी भी हो जाये। ऊँचा जीवन स्तर नही, बल्कि ऊँचा आचरण सुख का मूल मंत्र है। यह पुरानी बात है जो चुप रहता है उसकी भी निन्दा होती है, जो अधिक बोलता है उसकी भी निन्दा होती है और जो कम बोलता है उसकी भी निन्दा होती है, इस पृथ्वी पर कोई ऐसा व्यक्ति नही है जिसकी कोई न कोई निन्दा न करता हो। ना कोई ऐसा आदमी हुआ है, न होगा और न है, जिसकी निरन्तर निन्दा ही निन्दा होती हो अथवा निरन्तर प्रशंशा होती हो। अपने आप पर विश्वास करो, आत्म नियत्रंण रखो, निन्दा से डरो नही सत्कर्म करो, नशे से दूर रहो।
          अतः अखिल भारतीय कश्यप निषाद बिन्द समाज सेवा ट्रस्ट ने ऐसे महान व्यक्ति के विचारों को जनता तक पहुँचाने की दृष्टि से उनकी पुण्य तिथि 12 अक्टूबर 2017 को प्रतिज्ञा दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। अतः कश्यप निषाद वंशीय समाज के सभी युवा, विद्यार्थी, माताओं, बहनो, बुजुर्गों से अपील है कि समय से पधार कर सन्मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

Saturday, 23 August 2025

समस्या हमारी है तो समाधान भी हमें ही खोजना होगा: डॉ सोनू कुमार सिंह


संत लहरी सिंह कश्यप जी के 11 वे स्मृति दिवस पर बोलते हुए डॉ सोनू कुमार सिंह ने  कहा कि संत लहरी सिंह कश्यप ने लहरीपुर गाँव बसाया था उनकी स्मृति में आज 12 अक्टूबर 2024 को यह कार्यक्रम उनके पैतृक निवास पर  आयोजित किया गया है। आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मंचासीन विद्वानगण, मेरे गुरुजन तथा प्रिय साथियो आज मैं एक महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखने जा रहा हूँ। यह विषय है “समस्या हमारी है तो समाधान भी हमें ही खोजना होगा”, जो संत लहरी सिंह कश्यप जी का प्रेरणादायी कथन है। साथियो, जीवन संघर्षों और चुनौतियों से भरा हुआ है। जब-जब कठिनाइयाँ आती हैं, हममें से अधिकतर लोग दूसरों पर आश्रित हो जाते हैं। हम सोचते हैं कि कोई और हमारी समस्या का हल निकालेगा, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि समस्या हमारी है, तो उसका समाधान भी हमें ही खोजना होगा।

        संत लहरी सिंह कश्यप जी ने हमें आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत करने से या दूसरों को दोष देने से कुछ नहीं बदलता। हमें खुद जिम्मेदारी लेनी होगी। उदाहरण के तौर पर - यदि कोई विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर है, तो यह उसकी अपनी समस्या है। यदि वह रोज़ मेहनत करे, शिक्षकों से मार्गदर्शन ले और अभ्यास बढ़ाए, तो वह अपनी कमजोरी को ताक़त में बदल सकता है। किसान का जीवन भी इसका उदाहरण है। जब सूखा या कीटों का प्रकोप होता है, तो किसान केवल दूसरों की मदद का इंतज़ार नहीं करता। वह नए कृषि मॉडल अपनाता है, बीजों की नई किस्में बोता है और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी फसल बचाता है। समाज में व्याप्त नशाखोरी और भेदभाव जैसी बुराइयाँ भी हमारे सामने समस्याएँ हैं। यदि हम सोचें कि कोई और आकर इन्हें दूर करेगा, तो यह असंभव है। हर व्यक्ति को यह जिम्मेदारी अपनी मानकर जागरूकता फैलानी होगी।

          प्रिय साथियो, समस्या को बोझ नहीं, अवसर मानना चाहिए। जब हम स्वयं अपने समाधान खोजते हैं, तो आत्मविश्वास बढ़ता है, अनुभव मिलता है और जीवन में सफलता सुनिश्चित होती है। अंत में मैं यही कहना चाहूँगा—
संत लहरी सिंह कश्यप जी का यह संदेश हमें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सकारात्मक बनाता है। यदि हम हर समस्या का हल खुद खोजने की ठान लें, तो कोई भी बाधा हमें आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती।

संत लहरी सिंह कश्यप जी के जीवन पर कबीरदास जी के जीवन-दर्शन का प्रभाव:ओ०पी०सिंह कश्यप

संत लहरी सिंह कश्यप जी के जीवन पर कबीरदास जी के जीवन-दर्शन का प्रभाव
भारतीय संत परंपरा ने समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है। कबीरदास जी इस परंपरा के ऐसे महान संत थे जिन्होंने अपने दोहों और वाणी से समाज में सत्य, समानता और करुणा का प्रकाश फैलाया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। संत लहरी सिंह कश्यप जी का जीवन भी कबीरदास जी की शिक्षाओं से गहराई से प्रभावित था। उनके जीवन के प्रत्येक कार्य में कबीर की वाणी और दर्शन की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।
कबीरदास जी का जीवन-दर्शन
कबीरदास जी का जीवन-दर्शन अत्यंत सरल, सहज और मानवीय था। उन्होंने कहा –
👉 “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।
 जाके ह्रदय साँच है, ताके ह्रदय आप॥”
👉 “पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय।
 ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥”
इन दोहों में स्पष्ट संदेश है कि सत्य ही परमात्मा है और प्रेम ही सबसे बड़ी विद्या। कबीर ने जात-पात, आडंबर और कर्मकांड का विरोध किया। उनका कहना था कि भक्ति मंदिर या मस्जिद में नहीं, बल्कि मानव-हृदय में है।
संत लहरी सिंह कश्यप जी पर कबीरदास जी के दर्शन का प्रभाव
1. सत्य और सादगी
कबीर कहते हैं –
 👉 “निरपेक्ष रहे जो साधु जन, ताके मन निर्मल होय।
 सत्य की राह चलत ही, हरि स्वयं संग होय॥”
इसी भाव को संत लहरी सिंह कश्यप जी ने अपने जीवन में उतारा। उन्होंने सादगी, सत्य और ईमानदारी को ही अपनी शक्ति बनाया। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण सच्चाई से ओत-प्रोत था।
2. समानता और सामाजिक न्याय
कबीर ने कहा था –
 👉 “जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान।
 मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥”
संत लहरी सिंह कश्यप जी ने भी यही संदेश दिया। उन्होंने समाज में फैली ऊँच-नीच और जातिगत भेदभाव का विरोध किया। वे मानते थे कि मनुष्य की पहचान उसके ज्ञान और कर्म से होती है, न कि जन्म से।
3. कर्मयोग और सेवा
कबीर कहते हैं –
 👉 “करता रहा सो क्यों रहा, अब कर क्यों पछताय।
 बोए पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥”
यह दोहा कर्म के महत्व को दर्शाता है। संत लहरी सिंह कश्यप जी ने केवल आध्यात्मिक प्रवचन नहीं दिए, बल्कि शिक्षा, संगठन और समाज सुधार में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सिखाया कि जीवन में कर्म और सेवा ही सच्ची साधना है।
4. आडंबर और रूढ़ियों का विरोध
कबीर कहते हैं –
 👉 “पाहन पूजे हरि मिले, तो मैं पूजूँ पहार।
 ताते यह चाकी भली, पीस खाय संसार॥”
यहाँ कबीर ने मूर्तिपूजा और आडंबर का विरोध किया। संत लहरी सिंह कश्यप जी ने भी यही विचार अपनाया। उन्होंने लोगों को समझाया कि ईश्वर की असली पूजा इंसानियत की सेवा है, न कि कर्मकांड।
5. लोकहित और भाईचारा
कबीर का संदेश था –
 👉 “हिंदू कहो, मुसलमान कहो, सबका रक्त एक।
 माटी एक शरीर की, एक ही प्राण फेंक॥”
संत लहरी सिंह कश्यप जी ने भी समाज को यही शिक्षा दी कि सभी मनुष्य समान हैं। उन्होंने भाईचारे, प्रेम और सहयोग का संदेश फैलाया।
दार्शनिक दृष्टि
दार्शनिक रूप से कबीरदास जी का भक्ति-दर्शन संत लहरी सिंह कश्यप जी के जीवन का आधार बना। कबीर का मानना था कि –
👉 “माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर।
 कर का मनका छोड़ दे, मन का मनका फेर॥”
यानी भक्ति बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि से होती है। संत लहरी सिंह कश्यप जी ने इस सिद्धांत को अपनाया और समाज को यही सिखाया कि सच्ची पूजा सत्य, समानता और सेवा में है और अंत मे संत लहरी सिंह कश्यप जी का जीवन कबीरदास जी की शिक्षाओं का सजीव उदाहरण है। उन्होंने सत्य, समानता और इंसानियत को जीवन का आधार बनाया। कबीर की तरह वे भी आडंबर और झूठ के विरोधी थे। उन्होंने अपने कर्मों से सिद्ध किया कि –सत्य ही ईश्वर है। समानता ही धर्म है। और इंसानियत ही सबसे पवित्र भक्ति है। आज के समय में जब समाज स्वार्थ, दिखावे और विभाजन की ओर बढ़ रहा है, तब संत लहरी सिंह कश्यप जी का जीवन हमें फिर से कबीर की वाणी याद दिलाता है। वे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते हैं कि – "जाके ह्रदय साँच है, ताके ह्रदय आप।"

Friday, 22 August 2025

लहरी सिंह कश्यप जी ने सामाजिक समानता स्थापित करने हेतु जीवनभर किया कार्य:डॉ रामनिवास कश्यप

लहरीपुर गाँव बसाने वाले लहरी सिंह कश्यप जी के 11 वे स्मृति दिवस 12 अक्टूबर 2024 के अवसर पर बोलते हुए  डॉ रामनिवास कश्यप जी ने बोलते हुए कहा कि स्वर्गीय लहरी सिंह कश्यप जी ने ऊन से 2दो किलोमीटर दूर चौसाना रोड पर  लहरीपुर गाँव बसाया था  डॉ रामनिवास कश्यप जी ने मंच को संबोधित करते हुए कहा माननीय अध्यक्ष महोदय, मंचासीन महानुभावगण, तथा उपस्थित सभी भाइयों और बहनों, आज मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है कि मैं आप सबके समक्ष उस महान व्यक्तित्व के बारे में कुछ कहने का अवसर प्राप्त कर रहा हूँ, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए समर्पित कर दिया – वे हैं लहरी सिंह कश्यप जी। लहरी सिंह कश्यप जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊँच-नीच और अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और मानवता से होनी चाहिए। उन्होंने वंचित और कमजोर वर्गों को जागरूक किया, उन्हें शिक्षा और संगठन के महत्व को समझाया, तथा समाज में उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयत्नशील रहे। उनकी सोच थी कि जब तक समाज में समान अवसर और समान अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक सच्चे अर्थों में प्रगति संभव नहीं है। लहरी सिंह कश्यप जी के कार्य हमें यह सिखाते हैं कि सामाजिक न्याय केवल कानूनों से नहीं आता, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सोच बदलनी होगी और समानता की भावना को अपनाना होगा। आज आवश्यकता है कि हम सब उनके आदर्शों को आत्मसात करें और समाज में भाईचारा, न्याय तथा समानता की स्थापना में अपनी भूमिका निभाएँ। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।