संत लहरी सिंह कश्यप जी के 11 वे स्मृति दिवस पर बोलते हुए डॉ सोनू कुमार सिंह ने कहा कि संत लहरी सिंह कश्यप ने लहरीपुर गाँव बसाया था उनकी स्मृति में आज 12 अक्टूबर 2024 को यह कार्यक्रम उनके पैतृक निवास पर आयोजित किया गया है। आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मंचासीन विद्वानगण, मेरे गुरुजन तथा प्रिय साथियो आज मैं एक महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखने जा रहा हूँ। यह विषय है “समस्या हमारी है तो समाधान भी हमें ही खोजना होगा”, जो संत लहरी सिंह कश्यप जी का प्रेरणादायी कथन है। साथियो, जीवन संघर्षों और चुनौतियों से भरा हुआ है। जब-जब कठिनाइयाँ आती हैं, हममें से अधिकतर लोग दूसरों पर आश्रित हो जाते हैं। हम सोचते हैं कि कोई और हमारी समस्या का हल निकालेगा, लेकिन सच्चाई यह है कि यदि समस्या हमारी है, तो उसका समाधान भी हमें ही खोजना होगा।
संत लहरी सिंह कश्यप जी ने हमें आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत करने से या दूसरों को दोष देने से कुछ नहीं बदलता। हमें खुद जिम्मेदारी लेनी होगी। उदाहरण के तौर पर - यदि कोई विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर है, तो यह उसकी अपनी समस्या है। यदि वह रोज़ मेहनत करे, शिक्षकों से मार्गदर्शन ले और अभ्यास बढ़ाए, तो वह अपनी कमजोरी को ताक़त में बदल सकता है। किसान का जीवन भी इसका उदाहरण है। जब सूखा या कीटों का प्रकोप होता है, तो किसान केवल दूसरों की मदद का इंतज़ार नहीं करता। वह नए कृषि मॉडल अपनाता है, बीजों की नई किस्में बोता है और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी फसल बचाता है। समाज में व्याप्त नशाखोरी और भेदभाव जैसी बुराइयाँ भी हमारे सामने समस्याएँ हैं। यदि हम सोचें कि कोई और आकर इन्हें दूर करेगा, तो यह असंभव है। हर व्यक्ति को यह जिम्मेदारी अपनी मानकर जागरूकता फैलानी होगी।
प्रिय साथियो, समस्या को बोझ नहीं, अवसर मानना चाहिए। जब हम स्वयं अपने समाधान खोजते हैं, तो आत्मविश्वास बढ़ता है, अनुभव मिलता है और जीवन में सफलता सुनिश्चित होती है। अंत में मैं यही कहना चाहूँगा—संत लहरी सिंह कश्यप जी का यह संदेश हमें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सकारात्मक बनाता है। यदि हम हर समस्या का हल खुद खोजने की ठान लें, तो कोई भी बाधा हमें आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती।
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