लहरीपुर गाँव बसाने वाले लहरी सिंह कश्यप जी के 11 वे स्मृति दिवस 12 अक्टूबर 2024 के अवसर पर बोलते हुए डॉ रामनिवास कश्यप जी ने बोलते हुए कहा कि स्वर्गीय लहरी सिंह कश्यप जी ने ऊन से 2दो किलोमीटर दूर चौसाना रोड पर लहरीपुर गाँव बसाया था डॉ रामनिवास कश्यप जी ने मंच को संबोधित करते हुए कहा माननीय अध्यक्ष महोदय, मंचासीन महानुभावगण, तथा उपस्थित सभी भाइयों और बहनों, आज मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है कि मैं आप सबके समक्ष उस महान व्यक्तित्व के बारे में कुछ कहने का अवसर प्राप्त कर रहा हूँ, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज की सेवा और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए समर्पित कर दिया – वे हैं लहरी सिंह कश्यप जी। लहरी सिंह कश्यप जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊँच-नीच और अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और मानवता से होनी चाहिए। उन्होंने वंचित और कमजोर वर्गों को जागरूक किया, उन्हें शिक्षा और संगठन के महत्व को समझाया, तथा समाज में उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयत्नशील रहे। उनकी सोच थी कि जब तक समाज में समान अवसर और समान अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक सच्चे अर्थों में प्रगति संभव नहीं है। लहरी सिंह कश्यप जी के कार्य हमें यह सिखाते हैं कि सामाजिक न्याय केवल कानूनों से नहीं आता, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सोच बदलनी होगी और समानता की भावना को अपनाना होगा। आज आवश्यकता है कि हम सब उनके आदर्शों को आत्मसात करें और समाज में भाईचारा, न्याय तथा समानता की स्थापना में अपनी भूमिका निभाएँ। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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