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Saturday, 26 October 2024

राष्ट्रीय संगोष्ठी:पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में रंग,गंध,स्वाद,परिरक्षक एवं योजक के रूप में प्रयुक्त रसायनों से बच्चों,वयस्कों तथा जीवों के लीवर,हार्ट,ब्रेन,नर्वसिस्टम पित्ताशय ,अग्नाशय,किडनियां,अस्थियां,आंतें,आंखें और शरीर कैसे बचाएं?

 
आज दिनांक 12 अक्टूबर 2024 को लहरीपुर गांव बसाने वाले संत श्री लहरी सिंह कश्यप जी के 11वें स्मृति दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय चेतना ट्रस्ट व अल्टीमेट ट्रुथ यूनिवर्स ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में -"पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में रंग,गंध,स्वाद,परिरक्षक एवं योजक के रूप में प्रयुक्त रसायनों से बच्चों,वयस्कों तथा जीवों के लीवर,हार्ट,ब्रेन,नर्वसिस्टम पित्ताशय ,अग्नाशय,किडनियां,अस्थियां,आंतें,आंखें और शरीर कैसे बचाएं?"-विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा संत लहरी सिंह कश्यप के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद  डॉ० जी० सिंह कश्यप ने समारोह में उपस्थित जनसमूह को संविधान की उद्देश्येशिका की शपथ दिलाई ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डाक्टर रामनिवास कश्यप ने कहा कि  पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों मैं डाले जाने वाले योज्य पदार्थो का मनुष्यों के हॉर्ट,लिवर,किडनी अग्नाशय,पिताशय,आंखों,त्वचा हड्डियों,मस्तिष्क तथा नर्वससिस्टम और शरीर के सभी अंगों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है ।डॉ विनोद क्षत्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा तथा उद्देश्य को जन समूह को विस्तार से समझाया।उन्होंने बताया कि योज्य पदार्थ,जिन्हें अंग्रेजी में एडिटिव बोलते हैं,को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 27 भागों में विभाजित करके मान्यता प्रदान की गई है।इन सभी को अंग्रेजी के कोड वर्ड आई एन एस जिसका शाब्दिक अर्थ है-इंटरनेशनल नंबरिंग सिस्टम।इसके अंतर्गत खाद्य पदार्थों में मिलाई जाने वाले सभी तत्वों यौगिक को नंबरिंग प्रदान की गई है।उनका एक पार्टिकुलर क्वांटिटी में पार्टिकुलर व्यक्ति के लिए पार्टिकुलर मात्रा से ज्यादा उपयोग शरीर के सभी अंगों के लिए खतरनाक है।उसके लिए निर्धारित मानकों का उपयोग नहीं किया जा रहा है।जिसके कारण पूरी मानवता बीमार है और लोग जीते जी मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं।अधिकतर पैक्ड खाद्य और पेय पदार्थों पर इस नंबरिंग सिस्टम को अंकित करके अपनी दिखावटी कानूनी खानापूर्ति कर दी जाती है।उनके वास्तविक रासायनिक नाम अंकित नहीं किए जाते,जिसकी वजह से लोग पैक्ड और डिब्बा बंद वस्तुओं को धड़ाधड़ उपयोग करते हैं और उसके हानिकारक प्रभाव से बिल्कुल भी अवगत नहीं है।कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को इन खाद्य पदार्थों की गंभीर जानलेवा हानियों के प्रति लोगों को जागरूक करना प्रमुख है।इसीलिए संत लहरी सिंह कश्यप के मानवता उत्थान के महान विचारों को मूर्त रूप प्रदान करते हुए आयोजन समिति ने इस महत्वपूर्ण विषय को चुना जिसमें हमारे बच्चों महिलाओं वयस्कों वृद्धों और प्रकृति के सभी जीवों की जिंदगियां और स्वास्थ्य का बचाया जाना बहुत आवश्यक है।विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजवीर सिंह जी ने कहा कि पैक्ड खाद्य पदार्थों से कैंसर का खतरा,हार्ट अटैक,कोलेस्ट्रॉल,त्वचा संबंधित समस्याएं,अस्थमा आदि बहुत खतरनाक रोग उत्पन्न होते हैं।खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने के लिए इसमें बहुत हानिकारक रसायन जैसे मोनोसोडियम ग्लूटा मोर,एमएसजी,टीबीएचक्यू,बी एच ए आदि मिलाए जाते हैं जिससे हमारे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है।इसी कड़ी में श्रीमती रेखा चौहान ने कहा कि पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थ के योजन से बच्चों के नर्व सिस्टम पर दुष्प्रभाव पड़ता है।उन्होंने कहा कि हमारी नारी शक्ति को ध्यान देना होगा कि हमारे बच्चे ऐसे पैक्ड खाने से बचें।प्रोफेसर डॉक्टर जी सिंह कश्यप और डॉक्टर विनोद क्षत्रा के संयुक्त सहयोग से हायर एजुकेशन प्राप्त कर रिसर्च के फील्ड में लगे हुए शोधार्थियों सोनू कुमार सिंह,अमरीश कुमार सिंह,अनुज कुमार सिंह,अशोक कुमार सिंह,कुमारी सोनम,अनु कुमारी कुमारी निधि,अंजू,अनय कुमार सिंह, कुमारी अनुष्का सिंह मोनू कुमार सिंह डॉक्टर सत्यपाल सिंह किरणपाल सिंह  दीपक कुमार सिंह नीरज कुमार सिंह विक्की,डॉ पुष्पेंद्र कुमार, डॉक्टर कुलश्रेष्ठ,डॉक्टर सहदेव सिंह, डॉक्टर काजल,डॉक्टर नीलम कृष्ण,डॉक्टर बिंदु तथा कई अन्य शोधार्थियों की टीम बनाकर इस फील्ड में गहराई से रिसर्च के आधार पर रिपोर्ट तैयार करके सरकार को अवगत कराने हेतु एक समिति का गठन किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ग्राम प्रधान लहरीपुर श्रीमती सविता देवी ने इस पर विस्तृत जानकारी आयोजन समिति से मांग कर इसके संबंध में सरकार के सामने ग्राम पंचायत स्तर से सरकार तक लिखित जानकारी और उसे पर संबंधित कार्रवाई की मांग वहां तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।इसी विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी राजपाल चौहान जो किसान और मजदूर नेता हैं और योगेंद्र मलिक जो किसान मजदूर नेता हैं,ने इस कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करके इसे आंदोलन का रूप देने के लिए संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में सहयोगात्मक उपस्थिति प्रदान करने आए झिंझाना के नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सुरेश कश्यप ने अपनी नगर पंचायत स्तर से इस बात को सरकार तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।दूर-दूर से आए इस फील्ड से में काम कर रहे तथा इस फील्ड की जानकारी रखने वाले शोधार्थियों ने इस कार्यक्रम में बढ़-कर कर हिस्सा लिया कार्यक्रम देर रात तक चला है।इस विषय के शोधार्थी बुलंदशहर से आए श्री वीर सिंह ने किसके गंभीर खतरों के रासायनिक प्रभाव का ज्ञान सभी श्रोताओं को कराया।उन्होंने एसिडिटी रेगुलेटर,एंटीफोमिंग,एंटीऑक्सीडेंट प्रिजर्वेटिव्स और इस तरह के ढेर सारे टर्म में जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई एन एस नंबर दिए गए हैं।जैसे आईएनएस 330 INS 326 INS 296 INS 300 INS 1500 INS 1450 आदि हजारों आई एन एस हैं,उनके साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया कि वह कितने खतरनाक हैं।सामाजिक चिंतक श्री चंदूलाल ने राजनीतिक स्तर पर इस विषय को मुद्दा बनाने का आश्वासन प्रदान किया और डॉक्टर रामनिवास ने इस प्रकार के खाद्य पदार्थों के प्रभाव का अपनी चिकित्सा में आ रहे अनुभवों के आधार पर विस्तार से लोगों को ज्ञान कराया कई संगठनों के कॉर्डिनेटर और वरिष्ठ अध्यक्ष श्री राजू हाथियान में ने इसमें हर तरह का सहयोग करने का आश्वासन दिया।ऑनलाइन तथा इंटरनेट संबंधी सभी जानकारी में सहयोग करने के लिए आईटी विशेषज्ञ श्री संदीप ने इसमें बढ़-चढ़कर फ्री आफ कोस्ट निस्वार्थ सेवा प्रदान करने का आश्वासन प्रदान किया।कार्यक्रम पर देश भर से नजर रखने वाले बुद्धिजीवियों ने इस विषय की जमकर प्रशंसा की तथा ऑनलाइन और सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन पत्र प्रेषित किये।स्कूल में अध्यनरत प्ले स्कूल से लेकर उच्च स्तर तक के बच्चों ने इन खाद्य पदार्थों को ना खाने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि देश के नागरिकों को नेचुरल देसी और जैविक खेती से उत्पन्न खाद्य पदार्थों की ओर प्रवृत करने के लिए अपने आप से पहल करते हुए इस अभियान को राष्ट्रव्यापी बनाने का प्रयास किया या जाएगा।कार्यक्रम का संचालन डा. विनोद क्षत्रा जी ने किया।

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