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Thursday, 21 May 2026

पी. जी. कॉलेज गाजीपुर में “कृषि और कृषि शिक्षा में कैरियर की संभावनाएं” विषयक कार्यशाला आयोजित

गाजीपुर। पी. जी. कॉलेज गाजीपुर के कृषि संकाय द्वारा दिनांक 6 मई 2026 को महाविद्यालय के कक्ष संख्या 28 में “कृषि और कृषि शिक्षा में कैरियर की संभावनाएं” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान करना था।  कार्यशाला में बोलते हुए प्रोफेसर (डॉ.) जी. सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा वर्तमान समय में सरकारी विभागों, निजी उद्योगों, कृषि व्यवसायिक संस्थानों, बैंकिंग क्षेत्र, अनुसंधान संगठनों एवं शैक्षणिक संस्थानों में कुशल कृषि विशेषज्ञों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, संप्रेषण कौशल तथा व्यावहारिक अनुभव विकसित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपने कैरियर में सफलता प्राप्त कर सकें।  डॉ. एस. एस. यादव ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए छात्र जीवन में कैरियर नियोजन के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक अवस्था में ही अपनी रुचियों एवं क्षमताओं की पहचान कर उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कृषि क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों तथा व्यावसायिक कौशल विकास के महत्व पर भी विशेष बल दिया। डॉ. अशोक कुमार ने आधुनिक कृषि शिक्षा तथा उभरते हुए क्षेत्रों जैसे जैविक खेती, प्रिसिजन फार्मिंग, एग्री-स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि जैव प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल कृषि के संबंध में अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचारी विचारों को अपनाने तथा उद्यमिता एवं कृषि व्यवसायिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता  आचार्यकुलम एग्री बिजिनेस मैनेजमेंट स्कूल के प्रोफेसर अमित कुमार साहू ने  कृषि क्षेत्र में कैरियर के अवसरों पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कृषि स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए सरकारी विभागों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs), बीज उद्योगों, उर्वरक कंपनियों, कीटनाशक उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों, कृषि विपणन क्षेत्रों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों में उपलब्ध रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में कृषि क्षेत्र अधिकारी (AFO), नाबार्ड तथा ग्रामीण विकास बैंकों में उपलब्ध संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। श्री साहू ने ICAR-JRF, SRF, UPSC, राज्य कृषि सेवाओं तथा अन्य कृषि भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय ज्ञान, संप्रेषण कौशल, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा व्यावहारिक समझ विकसित करके इन परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।अपने व्याख्यान के दौरान मुख्य वक्ता ने कृषि में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), ड्रोन तकनीक, जलवायु-स्मार्ट कृषि तथा प्रिसिजन फार्मिंग आधुनिक कृषि को तेजी से परिवर्तित कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी प्रगति के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने तथा आधुनिक प्रवृत्तियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके।कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. योगेश कुमार एवं आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) जी. सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ० शिव शंकर सिंह यादव,डॉ० रामदुलारे, सहित  बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सहभागिता रही तथा सभी ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

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